भारत में इतिहास लेखन कितना वैज्ञानिक है और कितना ये लोककथाओं से प्रभावित होता है, इसका एक अच्छा उदाहरण आप आल्हाऊदल के सम्बन्ध में लोकगीतों में देख सकते हैं। आल्हा और ऊदल चंदेल राजाओं (बुंदेलखंड के एक भाग के शाशको)के वीर सैनिक थे जिनके यशगान में आल्हाखण्ड लिखा गया। इसे पढ़ / सुनकर लगता है कि वे तो गज़ब के पराक्रमी लोग थे जब कि इतिहास में उनका बहुत संक्षिप्त उल्लेख मिलता है। ऐसे ही एक महान देवता हैं जो मात्र डेढ़ हजार वर्ष पहले किसी छोटी सी रियासत के राजा थे- गोगा, उनके बारे में इतिहास में बहुत कुछ नहीं मिलता लेकिन उन्हें एक विशाल जन समुदाय एक देवता की तरह आज भी पूजता है। गोगा पीर या गोगा चौहान (गोगाजी) हैं, जो विशेष रूप से राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में लोकदेवता के रूप में पूजे जाते हैं। इन्हें जहार वीर और जहार पीर के नाम से भी पुकारा जाता है। गोगाजी का जन्म 10वीं या 11वीं शताब्दी में चौहान वंश में हुआ था। उनके पिता जीवराज चौहान और माता बच्छल देवी थीं। वे वर्तमान राजस्थान के गोगामेड़ी (हनुमानगढ़) क्षेत्र के शासक थे। उनके जन्म के समय यह भविष्यवाणी की गई थी क...