सनातन धर्म में समय समय पर सुधार के लिए इसी धर्म के अनुयायियों में से कुछ प्रबुद्ध लोगों ने अपने अनुभवों के आधार पर कुछ शिक्षाएं दीं , इन शिक्षाओं से प्रभावित लोगों ने एक अलग कल्ट शुरू किया जो बाद में एक नए धर्म के रूप में विकसित और प्रचलित हो गया। भारत में सनातन धर्म में समय-समय पर सुधार लाने के लिए कई धार्मिक व्यक्तित्वों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इन्होंने समाज में व्याप्त अंधविश्वास, जाति-भेद, कुप्रथाओं को दूर करने के साथ ही धार्मिक और आध्यात्मिक सुधार किए। इनमें से कुछ प्रमुख धार्मिक सुधारक निम्नलिखित हैं: 1. महावीर स्वामी (599–527 ई.पू.) जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर महावीर स्वामी ने कर्म, अहिंसा और सत्य की शिक्षा दी। उन्होंने ईश्वर की पारंपरिक अवधारणा को चुनौती देते हुए आत्मज्ञान, मोक्ष, और आत्मा की शुद्धता पर बल दिया। महावीर स्वामी ने समाज में व्याप्त हिंसा, बलि प्रथा, और जाति-प्रथा के खिलाफ आवाज उठाई। 2. गौतम बुद्ध (563–483 ई.पू.) गौतम बुद्ध ने बौद्ध धर्म की स्थापना की। उन्होंने अंधविश्वास, बलि-प्रथा, और जाति-व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाई और लोगों को "अष्टांगिक मार्ग...