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मार्च, 2024 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

भारत सरकार की CAA नियमावली

भारत में राज्यों को किसी को नागरिकता प्रदान करने का अधिकार नहीं है। नागरिकता प्रदान करना भारत सरकार का अधिकार है। इसलिए ममता बनर्जी का ये कहना कि वह बंगाल में CAA लागू नहीं होने देंगी, मूर्खतापूर्ण राजनैतिक बयानबाजी से अधिक कुछ नहीं है। भारत में कुछ पडोसी देशों से आये शरणार्थीगण को नागरिकता प्रदान करना भारत सरकार के चुनावी घोषणाओं का लंबित विषय था, जिसे उसने अब पूरा कर दिया। इसके राजनैतिक उद्देश्य कुछ भी हों लेकिन ये एक समस्या का समाधान है, इसलिए इसका स्वागत है। यद्यपि कुछ लोग दुष्प्रचार करेंगे कि ये एक संप्रदाय की नागरिकता छीनने की और पहला कदम है. लेकिन घोषित नागरिकता नियमावली केवल बाहर से आने वालों को नागरिकता देने की प्रक्रिया तय करती है न कि भारत में रह रहे भारत के पूर्व से नागरिकों के लिए। इसलिए भारतीय मुस्लिमों को ऐसे दुष्प्रचार के प्रभाव में नहीं आना चाहिए।  भारत का संविधान धर्म और जाति के आधार पर भेदभाव की अनुमति नहीं देता, इसलिए इस नियमावली/अधिनियम पर भेदभाव का आरोप भी लगेगा। अच्छा होता कि धार्मिक पहचान और कुछ देशों के नाम इस एक्ट / नियमावली में न होते और सिर्फ ये प्राविधा...

परिवर्तन ही सृष्टि का मूल स्वभाव है

वास्तव में चेतना ही सारी सृष्टि का मूल है। समस्त जड़ पदार्थ (जो प्रत्यक्ष में जड़ प्रतीत होते हैं) में भी चेतना है, यह विज्ञान प्रमाणित कर चुका है। हर जड़ पदार्थ जिन अणुओं / परमाणुओं से बना है, उनमें भी भीतर ही भीतर गति होती रहती है। परमाणुओं और अणुओं का संयोग होता रहता है, नए यौगिक बनते रहते हैं। गति का मापन केवल परिवर्तन के माध्यम से होता है। इसका सीधा सा तात्पर्य है कि चेतना का प्रभाव निरंतर परिवर्तन है। अगर परिवर्तन नहीं होगा तो हम चेतना को नाप नहीं पाएंगे।  समस्त ब्रह्माण्ड में हर पिंड, चाहे वो इलेक्ट्रॉन जितना सूक्ष्म पिंड हो या किसी गृह या आकाशगंगा जैसा कोई विशाल पिंड, सभी गतिमान हैं और परिवर्तन के अधीन हैं। इसलिए आप भी चाहे अनचाहे परिवर्तन के अधीन हैं। एक शिला जो नदी के बीच में खड़ी है, देखने में अडिग लग सकती है, परिवर्तन से अप्रभावित लग सकती है। लेकिन जो लोग जानते हैं कि रसरी आवत जात से सिल पर पडत निसान, वे ये भी जानते हैं कि बहती हुई जल धारा नदी में खड़ी शिला को भी धीरे धीरे चिकना कर रही है , धीरे धीरे सरका रही है। हमारे भूमण्डल पर तैरते हुए द्वीप और महाद्वीप भी एक विशालकाय शि...