सकारात्मक सोच, तनाव प्रबंधन और व्यक्तित्व विकास व्यक्तित्व क्या है ? प्रत्येक व्यक्ति विशिष्ट है, कोई भी दो व्यक्ति एक जैसे नहीं हैं। दो व्यक्ति देखने में, डील डौल में वेशभूषा में, एक जैसे लग सकते हैं फिर भी उनके बोलचाल में, उनके लहजे में अंतर आप ढूंढ ही लेंगे।अगर कोई हूबहू किसी दुसरे व्यक्ति की नक़ल भी कर ले तो भी किसी विषय पर दो व्यक्तियों के आप विचार जानने की कोशिश करें तो उनके विचारों में, उनके ज्ञान के स्तर में, उनकी रुचियों, उनकी धारणाओं में और उनके व्यवहार में आप अंतर जरूर पाएंगे। ये जो अंतर है ये ही प्रत्येक व्यक्ति को विशिष्ट बनाता है। हर व्यक्ति की अपनी विशिष्टता ही उसका व्यक्तित्व है। लेकिन क्या प्रत्येक व्यक्ति अपनी विशिष्टताओं के बारे में जागरूक है। हमारे सामाजिक ढांचे में एक गुण या कुछ लोग इसे अवगुण भी कह सकते हैं कि हमारे माता पिता और हमारे गुरुजन भी व्यक्ति को एक बने बनाये पैटर्न के रूप में ढालना चाहते हैं, वे व्यक्ति/बच्चों की विशिष्टताओं को जानने या समझने की चेष्टा शायद ही करते हैं। उनके सामने कुछ आदर्श पहले से मौजूद ...