हे मेहनतकश इंसानों, हे दुनिया के मजदूरों।
अपनी कीमत पहचानो। न तो कोई पूँजी, और न कोई मशीन, बिना तुम्हारी मदद के कभी कोई बदलाव ला सकती है। लेकिन तुम ला सकते हो।
नेता और पूंजीपतियों की सांठगांठ तुम्हे बहलाने फुसलाने की हर कोशिश करती है ताकि तुम उन्हें सुख सुविधा के सारे साधन मुहैया कराते रहो। वे तुम्हें मरने भी नहीं देंगे, तुम्हें राशन देंगे, तुम्हे मुफ्त बिजली पानी, मुफ्त शिक्षा, मुफ्त चिकित्सा और भी न जाने क्या क्या देंगे लेकिन इफरात में कुछ भी नहीं देंगे, तुम्हें जिन्दा रहने लायक खाना देंगे, कुछ यूनिट की बिजली और कुछ लीटर पानी देंगे, अक्षर ज्ञान लायक शिक्षा देंगे और बस काम चलाऊ दवाएं देंगे। और खुद रोज खाना, बिजली , पानी, पेट्रोल, उतना बर्बाद करेंगे जितना तुमको देते हैं। इनके घरों में कई कई AC चलेंगे जिनमे एक दिन में इतनी बिजली खर्च हो जायेगी जितनी आपको महीने भर में मुफ्त में देने का वादा करेंगे , इनके कार धोने और लॉन को सींचने में इतना पानी खर हो जाएगा जितना तुम्हे ये मुफ्त देने का वादा करेंगे, इनके बच्चों की एक महीने के स्कूल के फीस इतनी होगी जितनी आपके सारे बच्चों की सालभर की पढ़ाई का खर्च आएगा, इनके इलाज पर एक दिन में इतना खर्च हो जाता है, जितना आपके हस्पताल में भर्ती होने पर महीने भर में खर्च होता है।
इसलिए इनके बहकावे में मत आना। अपनी अकल लगाना। जब जब आपको सरकार बदलने का मौका आये अपने अधिकारों का होशियारी से प्रयोग करना।
मई दिवस की यानि श्रमिक दिवस की बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएं।
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