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स्त्री पुरुष संबंधों पर एक मित्र को जवाब

इस संसार में देखे और भोगे हुए यथार्थ पर बहुत कुछ लिखने का मन है 
आपकी एक पुरानी पोस्ट में कई बातों पर लिखने का मन है, और पोस्ट पर एक कॉमेंट पर आपकी प्रतिक्रिया देखकर भी चकित हूँ।
१.पुरातन संस्कृति में boyfriend girlfriend से भी ख़राब relationship के उदाहरण मिल जाएँगे। राजा या राजकुमार शिकार खेलने गए, कोई वनबाला भा गयी, गंधर्व विवाह किया, कुछ दिन वहीं गुज़ारे, गर्भवती स्थिति में छोड़ कर राजा या राजकुमार अपने राज्य/राजधानी लौट गए। विवाहित होते हुए भी, किसी की लड़की भगा लाए, नई को पटरानी बना दिया, पुरानियों को उस की नौकरानी की तरह रखा।
२. गंधर्व विवाह, तामस विवाह जैसे विवाह, अवैध सम्बन्धों को मान्यता देने की मनुस्मृति के क़ानून की विधि थी।
३. Breakup तब भी होते थे, पत्नी ( वैध या अवैध) को राजा छोड़ देता था, और उसे अपने पिता के घर/ गुरु के आश्रम में जीवन काटना पड़ता था।
४. तिजोरी ख़ाली होने की बात भी हास्यास्पद लगी, प्यार हो या वीर्य ये न समाप्त होने वाले ख़ज़ाने हैं। कोई भी संसार में ऐसा नहीं है, जो केवल एक से प्यार करे और दूसरे से इसलिए न कर पाए कि तिजोरी ख़ाली हो गयी है। न ही ऐसा है कि आपके पास ऐसी बंदूक़ है जो एक फ़ायर करने बाद दूसरा फ़ायर करने योग्य नहीं 
आपकी पोस्ट का दूसरा प्रस्तर पर आपको नए सिरे से सोचने की ज़रूरत है, अपने ही जीवन से सीखिए।समाज की आपने परवाह की होती तो अपनी स्टूडेंट से प्यार नहीं किया होता।समाज में अगर वक्र दृष्टि रखने की कूवत होती तो, आपको भी वो जीने नहीं देते, इसके विपरीत आपका और आपकी दूसरी पत्नी का समाज ने पूरा सम्मान किया और आज तक करते हैं। इसलिए अपनी झिझक को आप समाज की वक्रदृष्टि बता रहे हैं। जितने भी महान व्यक्ति हुए हैं अगर वो समाज की वक्रदृष्टि की परवाह करते तो समाज में कोई सुधार हुआ ही नहीं होता, सतीप्रथा, बालविवाह जारी होते, और कोई विधवा विवाह की कल्पना भी न करता। सिंगल हो या डबल हर एक को अपनी ज़िंदगी को सुकून और प्रसन्नता से गुज़ारने का हक़ है। ज़िंदगी भी आपकी, फ़ैसला भी सम्बंध Relationship को केवल यौनसुख का एक रूप समझना, संकीर्ण मानसिकता का द्योतक है, दरअसल हमारे समाज में बहुत से लोगों ने अपने छोटे से दायरे को ही दुनिया समझ लिया है। अपनी सोच को विकसित करने का मौक़ा भी नहीं मिलता और लोग कोशिश भी नहीं करते। सम्बंध का मतलब सिर्फ़ सेक्स नहीं होता। आपने जिस से सेक्स किया हो, उस से सम्बंध रहे हों ये जरुरी नहीं, जिस से सम्बंध रहे हों,प्यार रहा हो उसे से सेक्स भी किया हो ये भी ज़रूरी नहीं। और सेक्स सम्बंध रखने वाले लिव इन रिलेशनशिप रखने वाले, हमेशा बलात्कार के आरोप या धन की लूट या ब्लैकमेलिंग के शिकार होते हों, ये भी ज़रूरी नहीं । कुछ घटनाओं के आधार पर सामान्यीकरण कर लेना वैज्ञानिक सोच के अभाव में होता है।
सम्बंध Relationship को केवल यौनसुख का एक रूप समझना, संकीर्ण मानसिकता का द्योतक है, दरअसल हमारे समाज में बहुत से लोगों ने अपने छोटे से दायरे को ही दुनिया समझ लिया है। अपनी सोच को विकसित करने का मौक़ा भी नहीं मिलता और लोग कोशिश भी नहीं करते। सम्बंध का मतलब सिर्फ़ सेक्स नहीं होता। आपने जिस से सेक्स किया हो, उस से सम्बंध रहे हों ये जरुरी नहीं, जिस से सम्बंध रहे हों,प्यार रहा हो उसे से सेक्स भी किया हो ये भी ज़रूरी नहीं। और सेक्स सम्बंध रखने वाले लिव इन रिलेशनशिप रखने वाले, हमेशा बलात्कार के आरोप या धन की लूट या ब्लैकमेलिंग के शिकार होते हों, ये भी ज़रूरी नहीं । कुछ घटनाओं के आधार पर सामान्यीकरण कर लेना वैज्ञानिक सोच के अभाव में होता है। SeniorCitizen भी लिव इन रिलेशन में रहते हैं, उन्हें न सेक्स की ज़रूरत है, न उनमे क्षमता बची है, पर रहते हैं । और मान्यता आप किस से चाहते हैं । क़ानून इसमें कहीं बाधक नहीं, यानि ऐसे सम्बंध क़ानूनी रूप से मान्य हैं। समाज ( यानि, उन वृद्धों के परिजन ) के सताए हुए ऐसे वृद्ध एक दूसरे का सहारा बने हुए हैं। ऐसे समाज से उन्हें मान्यता की अपेक्षा भी नहीं है।


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