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नेपोटिस्म इन इंडिया

 क्या भारतीय उपमहाद्वीप में आप किसी व्यक्ति को परिवारवाद से मुक्त मान सकते हैं? क्या इस उप महाद्वीप में भ्रष्टाचार वास्तव में कोई मुद्दा है? क्या इस महाद्वीप में स्त्री हो या पुरुष, बेटा , बहु, सास ससुर, दामाद, भाई बहन, अडोसी पडोसी सब एक दूसरे की तुष्टिकरण के लिए संकल्पबद्ध नहीं ?

मोदी जी पता नहीं क्यों भारतीय मानसिकता को नहीं समझ पा रहे हैं? असल में वो सीधे सीधे नाम लेने से बचते हैं, वो कहना ये चाहते हैं कि नेहरू, इंदिरा, राजीव, और अब राहुल को पार्टी में मुख्य चेहरा समझने वाली पार्टी यानि कांगेस एक परिवार की पार्टी है, और भ्रष्टाचार तथा मुस्लिमों और दलितों को तुष्टिकरण की नीतियों से रिझा कर बरसों से सत्ता पर काबिज रही है। 

इसलिए मोदी जी के अनुयायी गण  भ्रमित न हों, उन्हें बीजेपी में शामिल नेताओं के परिवारवादी होने, या भ्रष्ट होने अथवा अपने वोटबैंक के लिए तुष्टिकरण की नीतियां अपनाने में कोई ऐतराज न था और न होगा।

 उनके भाषणों से कुछ विरोधी लोग बेकार ही चिल पों मचाने लगते हैं, इसलिए मैंने उनको समझने के लिए ये पोस्ट लिख दी है। आप जब चाहे बीजेपी ज्वाइन कर लें, आप से नहीं पूछा जायेगा कि आप के परिवार में कब कब और कितने लोग राजनीती को व्यवसाय बना चुके हैं। आपसे पिछले वर्षों में किये गए भ्रष्टाचार के बारे में भी नहीं पूछा जाएगा, और अगर पहले कभी ED  या सीबीआई के छापे या पूछताछ में कुछ आप पर संदेह किया भी गया है तो उस मामले को लम्बे समय के लिए ठन्डे बस्ते  में डाल दिया जाएगा।

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